परिकल्पना

हम आविष्कारी, लोचपूर्ण और अनुक्रियाशील विश्व स्तरीय रिसर्च और तकनीक संगठन बनना चाहते हैं जो कि भावी ग्राहक ज़रूरतों से मेल खाता है और मौजूदा और भावी कारोबारों में कंपनी के विकास में सहायता करता है। 

तकनीकी फोरम

टेककाऊंसिल एक ऐसा मंच है जिसमें प्रतिष्ठित सफल वैज्ञानिक और लीडरशिप के अन्य वरिष्ठ सदस्य शामिल होते हैं जो कि शोध और विकास के लिए आविष्कारक कार्यनीति संचालित करते हैं। 

यह एक ही छत के नीचे सभी पदानुक्रमों के तकनीकी व्यक्तियों की वार्षिक बैठक है। इस मंच द्वारा युवा वैज्ञानिकों को उनकी उपलब्धियों को पेश करने का अवसर मिलता है, और साथ ही वे बाहरी वक्ताओं के मूलभूत विज्ञान, खोज, और उत्पाद वाणिज्यीकरण के बारे में विचारों को भी सुन सकते हैं।

कंपनी के अंतर्राष्ट्रीय स्थलों पर तकनीक से जुड़ी कंपनियों के लिए टेककॉन एक वार्षिक बैठक है। इस मंच पर क्षेत्रीय नए उत्पाद विकास, कच्चे माल रूझानों और एकीकृत तकनीकों को साझा किया जाता है। 

टेकसर्ज एक आंतरिक न्यूज़लेटर है, जिसे पूरी तरह से हमारे तकनीकी डिविज़न द्वारा हमारे लिए तैयार किया जाता है। इस मंच पर युवा वैज्ञानिक जो भविष्योन्मुख हैं और जिनमें निकट भविष्य में वाणिज्यिक रास्ते बन जाने की क्षमता है, को पेंट और कोटिंग्स से संबंधित क्षेत्रों में, उनके लेखन कौशल को सुधारने का अवसर प्रदान करता है।

तकनीकी परिषद के सदस्य

प्रो. जामिल बाघदाची

जामिल बाघदाची पॉलिमर्स और कोटिंग्स के डायरेक्टर हैं और ईस्टर्न मिशिगन यूनिवर्सिटी, अमरीका में कोटिंग्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर हैं। वे 20 वर्षों तक बीएएसएफ कॉर्पोरेशन, डूपोन्ट, और आरको केमिकल कम्पनी में विभिन्न तकनीकी और प्रबंधन क्षमताओं में काम करने के बाद, 1997 में कोटिंग्स रिसर्च इंस्टीट्यूट में शामिल हुए थे। उन्होने यूनिवर्सिटी ऑफ टेन्नेसे से बीएस और एमएस की डिग्रियां हासिल की थीं और उन्होने 1982 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिस्सीसिप्पी से पी एच डी की डिग्री प्राप्त की थी और उन्होने यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुटेस, एमहेरस्ट से पोस्ट डॉक्टोरल कार्य किया था। बाघदीची के पास पॉलिमर्स, एडहेसिव्स, पेंट्स, और कम्पोजिट्स के मामले में 25 वर्षों का अनुभव है और उनके नाम से 48 पेटेन्ट हैं। उन्होने 122 से अधिक प्रकाशनों में योगदान किया है। वह सात पुस्तक अध्याय और सम्मेलन की कार्यवाही सहित संबंधित क्षेत्रों में 5 तकनीकी पुस्तकों के लेखक / संपादक हैं। वह अमेरिकन केमिकल सोसाइटी के एक सदस्य हैं। 

उन्होने अमेरिकन कोटिंग असोसिएशन की ओर से इंडस्ट्री एक्सीलेंस अवार्ड, डिसटिंगविस्ड रिसर्च अवार्ड, रूम फाउन्डेशन अवार्ड, और बेस्ट टीचिंग एक्सीलेंस अवार्ड आदि जैसे कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं। वह 2007 के बाद से स्मार्ट कोटिंग सम्मेलन के आयोजक और अध्यक्ष हैं।

डा. सिवाराम

वर्तमान में डा. सिवाराम सीएसआईआर भटनागर के सदस्य हैं और नैशनल केमिकल लेबोरेटरी (एनसीएल), पुणे, भारत के जे.सी.बोस नैशनल सदस्य हैं। इससे पहले, उन्होने एनसीएल (2002-10) के आठवें डायरेक्टर के रूप में काम किया था। वह मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज (बी.एस.सी, 1965), और आईआईटी कानपुर (एम.एससी, 1967) के छात्र रहे हैं, उन्होने पुरडुई यूनिवर्सिटी, डब्ल्यू लाफायेट्ट, इंडियाना , अमरीका से 1971 में अपनी पी.एच.डी. की डिग्री प्राप्त की थी, जहां पर वे नोबल पुरस्कार विजेता प्रो. एच.सी. ब्राउन के साथ काम कर रहे थे। कुछ समय तक इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिमर सांइस, यूनिवर्सिटी ऑफ एकरॉन, अमरीका में  रिसर्च एसोसिएट (मेंटर: प्रो. जे. पी. केनेडी) रहने के बाद, उन्होने 1973 में वडोदरा में इंडियन पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड के रिसर्च सेन्टर में पदभार ग्रहण किया। 1988 में उन्होने एनसीएल में पॉलिमर केमिस्ट्री डिविजन के हेड के रूप में पदभार ग्रहण किया।

उन्होने 36 छात्रों को पी.एच.डी की डिग्री के लिए मेंटरशिप प्रदान की है और समकक्ष वैज्ञानिकों द्वारा समीक्षा किए गए वैज्ञानिक पत्रिकाओं में 210 से अधिक पेपर्स का प्रकाशन किया है। उन्हें 49 ग्रांटेड यूरोपियन और अमरीकी पेटेन्ट्स, और साथ ही 52 भारतीय पेटेन्ट्स  में आविष्कारक के रूप में उल्लिखित किया जाता है, डा. सिवाराम द्वारा अनेक पुरस्कार प्राप्त किए गए हैं और केमिस्ट्री और पॉलिमर विज्ञान से संबंधित अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं के संपादक मंडल में वे शामिल हैं। 

डा. पुष्पितो के. घोष

डा. पुष्पितो के. घोष द्वारा सेन्ट्रल साल्ट एण्ड मरीन केमिकल्स रिसर्च इंस्टीट्यूट, भावनगर, सीएसआईआर के अंतर्गत एक राष्ट्रीय प्रयोगशाला के अंतर्गत मार्च 1999 से मई 2014 तक डायरेक्टर के तौर पर कार्य किया गया। वह सेंट स्टीफंस कालेज-दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके हैं (बी.एससी केमिस्ट्री-1974), और उन्होने आईआईटी -कानपुर (एम.एससी 1976) तथा प्रिंसटन यूनिवर्सिटी, अमरीका से 1980 में अपनी पी.एच.डी. पूरी की। वे प्रोफेसर टॉम स्पाइरो के साथ फोटो-इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री के क्षेत्र में कार्यरत थे। 1980-1984 के दौरान, उन्होने ब्रूकहेवन नैशनल लेबोरेट्री में डा. नार्मन सूटिन और ऑस्टिन में यूनिवर्सिटी आफ टेक्सास में डा. एलेन जे. बार्ड के साथ पोस्ट डाक्टोरल शोध पूरा किया था। 

1985 -1998 तक वे आईसीआई में कार्यरत रहे, जिसमें आईसीआई स्पेशिएलीटीज़, यूके में स्ट्रेटिजिक रिसर्च के क्षेत्र में उन्होने मैनेजर के पद पर कार्य किया, और साथ ही एल्केमी रिसर्च सेंटर मुम्बई में हेड के तौर पर भी कार्य किया है। डा. घोष के नाम 40 ग्रांटेड यूएस/ईपी पेटेन्ट हैं और अनेक भारतीय पेटेन्ट भी शामिल हैं। उन्हें अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।

डा. मिश्रा

डा. मिश्रा द्वारा सीलेन्ट्स, निर्माण रसायनों, एडहेसिव्स और वाटरप्रूफिंग के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है और वे स्ट्रेटिजिक ग्लोबल तकनीकी लीडर भी हैं। उन्होने वाइस प्रेसिडेंट-टेक्नालाजी ऑफ ट्रेमैको इंटरनैशलन (आरपीएम ग्रुप), आर एण्ड डी एंड टेक्निकल सर्विसेज़- साइका इंडिया के हेड और आर एण्ड डी मैनेजर - मोनसेन्टो, यूएसए के पदों पर कार्य किया है। वर्तमान में डा. मिश्रा द्वारा अपनी स्वयं की एक कंसल्टेंसी फर्म क्लीवलैंड, अमरीका में संचालित की जाती है, जिसे " मिश्रा कंसल्टिंग" कहा जाता है।

डा. मिश्रा ने केमिकल इंजीनियरिंग में अपनी पी.एच.डी. की डिग्री ली हाई यूनिवर्सिटी, अमरीका से 1977 में प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होने उसी विश्वविद्यालय के, इमल्शन पॉलिमर इंस्टीट्यूट से अपनी पोस्ट डाक्टोरल डिग्री प्राप्त की। डा. मिश्रा द्वारा अनेक लेखों का प्रकाशन किया गया है और सीलेंट्स के विषय में उन्हें दो पेटेन्ट प्राप्त हैं। 

पर्यावरण अनुकूल पहल

एक कंपनी के रूप में, प्रगति वक्र में आगे बने रहने, और अपने ग्राहकों को अच्छी तरह से छानबीन किए हुए सजावट समाधान की पेशकश करने के लिए, हम अपने प्रस्तावों में लगातार पुनः आविष्कार करने का प्रयास करते रहते हैं। हमारे आर एण्ड टी विभाग में, परिवर्तनशील एरोमैटिक यौगिकों के जोखिमों, वायु और जल प्रदूषण पर उनके प्रभाव का अध्ययन करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है और हम पारिस्थितिकी के अनुकूल (इको फ्रेंडली), वहनीय समाधानों की खोज में लगे रहते हैं। अभी तक, हमारी टीम ऊर्जा की बचत करने वाली अनेक प्रक्रियाओं को लागू करने में सफल रही है। 

 

  • साइकल समय कटौती
  • धुलाई में उपयोग किए गए पानी का पुन:उपयोग
  • आंतरिक और बाहरी एप्लीकेशनों के साथ-साथ VOC की प्रतिबंधित मात्राओं के साथ वहनीय उत्पाद समाधान
  • ऊर्जा की कम खपत वाले, ताप प्रबंधन कोटिंग्स का सृजन 
  • लेड और हेवी विषाक्त सामग्रियों को डेकोरेटिव उत्पादों से सफलतापूर्वक हटाया जाना 
  • बिना विषाक्त तत्वों के ग्रीन एश्योर लेबलयुक्त उत्पादों जैसे सीएमआर, एचएपी, हेवी मेटल, एपीइओ, एचएपी, वीएसी, फर्मेल्डीहाईड, नेफ्थालेट्स आदि को तैयार करना
  • रॉयल एस्पाईरा, एक प्रीमियम आंतरिक उत्पाद को जीएस 11 पेंट्स मानकों के अनुपालन के लिए ग्रीन सील, अमरीका द्वारा प्रमाणित किया गया। 
  • हमारे विकास के मार्ग में, हम निरन्तर वहनीय उत्पादों का विकास करना जारी रखेंगे ताकि हम अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम कर सकें, उत्पाद सर्विस लाइफ को बढ़ा सकें और अपने उत्पादों के स्वच्छता मानकों में सुधार कर सकें।

ओएचएसएएस नीति

  • हम अपने कार्य संबंधित गतिविधियों को शून्य दुर्घटनाओं के साथ सुरक्षित रूप से करेंगे। 
  • हम हर नई कार्य गतिविधि का जोखिम के संदर्भ में मूल्यांकन करेंगे, इससे संबंधित ओक्यूपेशनल जोखिम आकलन करेंगे, और जोखिम स्तरों की पहचान करेंगे। 
  • हम प्रयोगशाला में ऐसी अवसंरचना और परिवेश प्रदान करेंगे जो कि सुरक्षित रूप से, स्वास्थ्य जोखिमों से रहित कार्य के विकास में सहायक है और ऐसी व्यवस्थाएं की जाएंगी जो कार्यस्थल पर हर कर्मचारी के कल्याण के लिए पर्याप्त हैं। 
  • हम कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों और आगन्तुकों सहित हर कर्मचारी के स्वास्थ्य और सुरक्षा को समझते हैं और हम इसे एक वरीयता के तौर पर स्वीकार करते हैं और शून्य चोट दुर्घटनाओं को सुनिश्चित करने के उपायों को हम लागू करेंगे। 
  • हम यह सुनिश्चित करेंगे कि बाहरी एजेन्सियों द्वारा लागू कानूनी और सांविधिक अपेक्षाओं और अन्य अपेक्षाओं का अध्ययन किया जाता है, उन्हें समझा जाता है और लागू करने और अनुपालन करने के लिए उनकी जानकारी कर्मचारियो को दी जाती है। 
  • हम कार्य प्रथाओं की समीक्षा करेंगे और उनका कार्यान्वयन करेंगे जिससे सुरक्षा और पेशागत स्वास्थ्य में निरन्तर सुधार लागू किया जा सकेगा। 
  • हम तकनीकी डिविजन के हर कर्मचारी द्वारा सुरक्षा नीतियों और ओ एच एण्ड एस बाध्यताओं को समझने के लिए उनको प्रशिक्षित किया जाना सुनिश्चित करेंगे। हम स्वयं को पेशागत स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रक्रियाओं, अपेक्षाओं आदि के संबंध में नवीनतम जानकारी से लैस रखेंगे। 
  • हम कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों और आगन्तुकों के लिए जरूरी उचित संचार प्रणालियों को तैयार और लागू करेंगे, ताकि वे हमारी सुरक्षा ज़रूरतों को समझ सकें और उनका अनुपालन कर सकें। 
  • हम अपनी नीति की समीक्षा करेंगे और "सुरक्षित और स्वस्थ कार्य स्थल" के अपने लक्ष्य के लिए उनमें निरन्तर सुधार करेंगे। 

हम क्या करते हैं उसके बारे में और जानें

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