बाहरी दीवारें

पेंटिंग से पूर्व

  • पेंटिंग शुरू करने से पहले दीवार की सभी कमियों की मरम्मत करें।
  • बाहरी दीवारों के साथ सबसे आम समस्या, विशेष रूप से पुराने मकानों आदि में दीवार में दरारें होती हैं। दरारों को 1:3 सीमेंट और सैंड मिश्रण से भरें।
  • बाहरी सतहों पर पेंट करते समय पुट्टी लगाने या कम्पाऊंड भरने से बचें।
  • सभी बाहरी ड्रेनेज पाइपों की जंग या रिसाव के लिए जांच की जानी चाहिए। प्लम्बिंग कार्य में किसी भी दोष को दूर किया जाना चाहिए।
  • छत पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। किनारों और पानी के स्रोतों के आसपास दरारों की जांच करें।
  • छत पर कुशलतापूर्वक की गई कारीगरी या वाटरप्रूफिंग कार्य से पेंट की गई सतहों के जीवनकाल को बढ़ाया जा सकता है।

 

सतह की तैयारी

  • नई प्लास्टर की गई सतहों को पेंटिंग से पहले कम से कम 35 से 45 दिनों तक सूखने देना चाहिए।
  • अधिक लंबी सुरक्षा के लिए, पेंट की जाने वाली सतह में धूल, ग्रीस और कोई लूज़ पार्टिकल्स नहीं होनी चाहिए।
  • वायर ब्रश के साथ मजबूती से ब्रश करके किसी भी फफूंदी और शैवाल पूरी तरह से दूर किया जाना चाहिए और उसकी सफाई पानी में ब्लीचिंग पाउडर घोल से की जानी चाहिए (1 लीटर पानी में 10% ब्लीचिंग पाउडर को घोलें, घोल को फिल्टर करें और ब्रश या स्पांज के साथ लगाएं)। इस प्रक्रिया को शामियाने, सनशेड्स, पैरापेट्स और अन्य समान्तर सतहों पर और भी अधिक सावधानी से किया जाना चाहिए जहां पर बारिश के दौरान पानी के इकठ्ठा होने की संभावना होती है।
  • पहले से ऑयल पेंट की गई सतहों से लूज़ पार्टिकल्स आदि को हटाने के लिए अच्छे से सैंड किया जाना चाहिए और बेहतर चिपकाव के लिए उसे डल और मैट बनाया जाना चाहिए। बाहरी खुरदुरी सतहें, जिन पर इससे पहले सीमेंट पेंट किया गया हो, उन्हें वायर ब्रश से साफ किया जाना चाहिए और पानी से अच्छे से धोना चाहिए और पूरी तरह से सुखाना चाहिए। पेंटिंग से पहले सुनिश्चित करें कि सतह पर कोइ निशान नहीं है।
  • बाहरी सतह को पानी से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए और निरन्तर नमी से बचाना चाहिए। यदि आप बारिश के दौरान पेंट कर रहे हैं, तो पेंटिंग शुरू किए जाने से पहले, 2-3 दिन तक पूरी धूप होने दें ताकि सतह पूरी तरह से सूख जाए।

 

पेंटिंग

  • सिफारिश की गई विधि का प्रयोग करते हुए एशियन पेंट एक्सटीरियर वॉल प्राइमर का एक अच्छा खासा कोट लगाएं।
  • सिफारिश किए गए डाइल्यूशन पर टॉप कोट के दो कोट लगाएं। आप टॉप कोट के रूप में एपेक्स वेदरप्रूफ एक्सटीरियर इमल्शन या एपेक्स टेक्स्चर्ड एक्सटीरियर इमल्शन या ऐस एक्सटीरियर इमल्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • दो कोट्स के बीच कम से कम दो घंटे का अंतर होना चाहिए।
  • यह सिफारिश की जाती है कि आनिंग्स और पैरापेट्स की ऊपरी समान्तर सतहों पर एक अतिरिक्त कोट लगाया जाना चाहिए ताकि अधिक सुरक्षा प्रदान की जा सके।

 

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