आंतरिक दीवारें

 

पेटिंग से पहले

  • नमी या पानी के रिसाव के लिए सतह की जांच करें।
  • पानी के रिसाव की समस्या को स्रोत पर ही ठीक करें। इसके मायने रिसते पाइपों या बाहरी दीवारों की दरारों को ठीक करना हो सकता है।
  •  दीवार से किसी भी उखड़ रहे प्लास्टर को हटा देना चाहिए। दीवारों को थपथपा कर उखड़ रहे प्लास्टर की जांच कर लें। खोखलेपन की आवाज का मतलब प्लास्टर उखड़ने वाला है।
  • सभी दरारों को भरने और टूटे हुए प्लास्टर की मरम्मत करने के लिए राजगीरी का काम करवाएं।
  • सूखने के लिए पर्याप्त समय सुनिश्चित करें (प्लास्टरिंग की सीमा के अनुसार 7 से 21 दिन)l जब फिर से प्लास्टरिंग काम करवाएं तो इसे सूखने और मजबूती पकड़ने के लिए पर्याप्त समय दें ताकि दरारों को भरा जा सके और सतह को चिकना किया जा सके।

 

सतह को तैयार करना

  • लाइम एश के कोट लगाने के बाद कम से कम 6 महीनों के लिए नई प्लास्टर की गई सतहों को मजबूती (मैच्योर) प्राप्त करने दें,  ताकि प्लास्टर भली प्रकार से सूख जाए। नए नीरू प्लास्टर के साथ आम तौर पर जुड़े प्लास्टर की पॉपिंग पर बाद में पेंटिंग के दौरान ध्यान दिया जाना चाहिए।
  • लूज़ पार्टिकल्स और पेंट की पपड़ियों को हटाएं। सैंड पेपर से रगड़ें ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सतह सूखी है और उस पर धूल, मिट्टी या ग्रीस आदि नहीं है।
  • लाइम वाश, पाउडर डिस्टेम्पर या सीमेंट पेंट की पिछली कोटिंग्स को अच्छे से हटाया जाना चाहिए। ऑयल या सिंथेटिक इमल्शन पेंट्स की पिछली कोटिंग्स, यदि अच्छी स्थिति में हैं, तो उन्हें नहीं हटाया जाना चाहिए। लेकिन, इस प्रकार की कोटिंग की ग्लॉस को सैंडिंग के ज़रिए हटाया जाना चाहिए।
  • दरार युक्त और पपड़ीदार पेंट को अवश्य हटाया जाना चाहिए।
  • फंगस से प्रभावित हिस्सों के लिए अलग से ट्रीटमेंट किया जाना चाहिए। पानी में ब्लीच पाउडर का 5-10% सॉल्यूशन तैयार करें और ब्रश या स्पांज के साथ प्रभावित हिस्सों पर लगाएं। 8-10 घंटों के अंतराल पर साफ पानी से दीवारों को धोएं। सतह को पूरी तरह से सूखने दें।

 

पेंटिंग

  • वॉल प्राइमर की कोटिंग करें। सोखने वाले सतहों पर डेकोप्राइम वॉल प्राइमर (सॉल्वेंट से पतला करने योग्य) का प्रयोग करें और नई सतहों पर डेकोप्राइम वॉल प्राइमर (पानी से पतला करने योग्य) का प्रयोग करें।
  • पुट्टी लगा कर दीवार के छोटे-मोटे उतार-चढ़ावों को भरें और उन्हें समतल कर लें। बेहतर परिणामों के लिए, एशियन पेंट्स एक्रिलिक वॉल पुट्टी का इस्तेमाल करें। दीवार की सतह यदि बहुत ही असमतल है, तो प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) लगाने की आवश्यकता है। सुनिश्चित करें कि पीओपी या पुट्टी लगाने के बाद, सतह एकसमान रूप से समतल है।
  • टॉप कोट लगाने से पहले पुट्टी लगाई गई जगहों पर डेकोप्राइम वॉल प्राइमर (साल्वेंट से पतला किया या पानी से पतला किया) का अच्छा-खासा कोट लगाने की सिफारिश की जाती है। प्राइमर को 10-12 घंटों तक सूखने दें। यदि पुट्टी लगाई गई जगहों पर प्राइमर कोट नहीं लगाया जाता है, तो टॉप कोट धब्बेदार दिखाई दे सकता है।
  • बाहरी सतहों पर पेंट करते समय पुट्टी या फिंलिंग कम्पाऊंड एप्लीकेशन से बचें। दरारों को 1:3 (वाल्यूम के अनुसार) सीमेंट और सैंड मिश्रण से भरें।
  • सभी बाहरी ड्रेनेज पाइपों की जंग या लीकेज के लिए जांच की जानी चाहिए। प्लम्बिंग कार्य में किसी भी दोष को दूर किया जाना चाहिए।
  • छत पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। किनारों और पानी के स्रोतों के आसपास दरारों की जांच करें।
  • सीलिंग पर कुशलता किए गए राजगीरी कार्य या वाटरप्रूफिंग से पेंट की अवधि लंबी हो जाएगी।
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